चेहरा आपका खिला रहे गुलाब की तरह
नाम आपका रोशन रहे आफताब की तरह
ग़म में भी आप हँसते रहे फूलों की तरह
अगर हम इस दुनिया में न रहें आज की तरह
पगली तू
गुलाब के फूल जैसी है...
जिसे में
तोड़ भी नही सकता और
छोड़ भी नही सकता
मैंने कब कहा...तू मुझे गुलाब दे...
या फिर अपनी ....मोहब्बत से नवाज़ दे...
आज बहुत उदास है....मन मेरा.....
गैर बनके ही सही.....तू बस मुझे आवाज़ दे...!!
मैंने कब कहा...तू मुझे गुलाब दे...
या फिर अपनी ....मोहब्बत से नवाज़ दे...
आज बहुत उदास है....मन मेरा.....
गैर बनके ही सही.....तू बस मुझे आवाज़ दे...!!

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